ॐ
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सूक्ते तबीयत जगन्नाथ जमात सत्तू भावदेही वाईबदु तवे बूंद क जगत्सर्ग चलना चर्म
Meaning & Translation
Verse 1
हे जगन्नाथ, कृपया हमारी भक्ति स्वीकार करें और विश्राम करें। आपकी निद्रा से संसार की सृष्टि और गति बनी रहे।
✨Spiritual Benefits
देवशयनी एकादशी पर विधि-विधान से पूजा व व्रत करने से जान-अनजाने किए गए पापों से मुक्ति मिलती है और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति दिलाता है। इस दिन विशेष अभिषेक करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और धन के रास्ते खुलते हैं। पांच हल्दी की गांठे और पांच लक्ष्मी कौड़ी के उपाय से भगवान की कृपा पूरे पांच महीने बनी रहती है, बुरी नजर घर में नहीं आती और व्यापार में कोई रुकावट नहीं आती, बल्कि पैसे के आने के रास्ते खुल जाते हैं।
📜About this Katha
यह लेख देवशयनी एकादशी की पूजा विधि, महत्व और विशेष उपायों पर केंद्रित है। इसमें बताया गया है कि कैसे भगवान विष्णु को शयन कराया जाए, कौन से मंत्र का जाप किया जाए और धन व मोक्ष की प्राप्ति के लिए क्या अचूक उपाय किए जाएं। चावल के प्रयोग से बचने और ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करने का विशेष महत्व भी समझाया गया है।
Frequently Asked Questions
देवशयनी एकादशी पर चावल का इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए?
देवशयनी एकादशी पर चावल का इस्तेमाल पूजा में बिल्कुल नहीं करना चाहिए और न ही चावल खाने चाहिए, क्योंकि भगवान विष्णु एकादशी पर चावल चढ़ाने से नाराज हो जाते हैं।
देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु को कैसे शयन कराएं?
भगवान विष्णु को मुलायम पीले गद्दे पर शयन मुद्रा में रखें, उन्हें पीली चादर ओढ़ाएं और शयन मंत्र "सूक्ते तवियत जगन्नाथ जमात सत्तू भावदेही वाईबदु तवे बूंद क जगत्सर्ग चलना चर्म" का जाप करें।
देवशयनी एकादशी पर धन प्राप्ति के लिए क्या उपाय करें?
पांच हल्दी की गांठे और पांच लक्ष्मी कौड़ी को एक पीले कपड़े में बांधकर पोटली बनाकर भगवान हरि के साथ रख दें। इससे धन के रास्ते खुलेंगे और व्यापार में रुकावट नहीं आएगी।